कृष्ण-कथा का विकास आधुनिक परिप्रेक्ष्य में

Author Name : डाॅ0 फौज़िया नाज़
Volume : II, Issue :IV,December - 2016
Published on : 2016-12-01 , By : IRJI Publication

Abstract :

प्रागेतिहासिक काल से लेकर अब तक लीला पुरूषोत्तम श्रीकृष्ण के अलौकिक व्यक्तित्व की कहानी यत्र-तत्र विखरी पढ़ी है। कृष्ण काव्य परम्परा के उद्भव और विकास का अनुशीलन करने पर ज्ञात होता है कि कृष्ण द्वापर के दिव्य पुरूष है शायद लीला दिखाने के लिए उनका अवतार हुआ है सत्य तो यह कि सगुण भक्ति के आराध्य देवताओं में श्रीकृष्ण का स्थान सर्वोपरि है, उनकी चर्चा ऋग्वेद से लेकर महाभारत, पुराण, संस्कृत पालि प्राकृत अपभ्रंश से हिन्दी में हुयी है। नटवर नागर कृष्ण भारतीय पुराण और इतिहास दोनों में बहुचर्चित है।