“उत्तराखण्ड के लोक साहित्य में टिहरी का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं साहित्यिक अध्ययन“

Author Name : मोहन सिंह
Volume : II, Issue :IV,December - 2016
Published on : 2016-12-26 , By : IRJI Publication

Abstract :

साहित्य के क्षेत्र में दो षब्द प्रचलित हैं- षिष्ट-साहित्य तथा लोक-साहित्य। लोक-साहित्य लोक-कत्र्ता का एक महत्वपूर्ण अंग है। षिष्ट साहित्य निष्चित रूप से लिखित साहित्य होता है, जबकि लोक साहित्य अलिखित एवं लिखित दोनों रूपों में उपलब्ध होता है। वैसे तो लोक साहित्य सामान्यतः मौखिक ही रहा है तथा वह मौखिक परम्परा द्वारा ही अनवरत चलता रहा है, परन्तु अब षिक्षा एवं मुद्रण (छपाई) के प्रचार-प्रसार के कारण लोक साहित्य के रूप में बहुत परिवर्तन हो गया है।