जनपद मुरादाबाद में लघु एवं कुटीर उद्योगों की समस्याए

Author Name : डा0 जकील अहमद
Volume : II, Issue :V,January - 2017
Published on : 2017-01-03 , By : IRJI Publication

Abstract :

प्राचीन काल से ही कुटीर उद्योग देष की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करते रहे है। कुटीर उद्योगों से बेरोजगारी की समस्या तो दूर होती है। अपितु कुटीर उद्योगों द्वारा निर्मित वस्तुओं की मांग सम्पूर्ण विष्व में होने से राजस्व एवं विदेषी मुद्रा में वृद्धि होती है। किन्तु भारत जैसे विकसनशील राष्ट्र की विदेषी नीति के कारण यह कुटीर उद्योग समाप्ति की और है और हमारे देष के 95 प्रतिषत लघु उद्योग समस्याओं से ग्रस्त होते जा रहे है। अगर भारत सरकार ने इन सब उद्योगो पर समुचित ध्यान नही दिया तो वह दिन दूर नही जब बहुराष्ट्रीय कम्पनी अपने मायारूपी जाल से भारत की रीढ़ कुटीर उद्योग को समाप्त कर देगी और भारत में बेरेजगारी की गम्भीर समस्या हो जायेगी और हमारे देष को आत्मनिर्भर होने से रोक देंगे।